Monday, January 27, 2020

खत्‍म हुआ अलग बोडोलैंड राज्‍य व‍िवाद"

खत्‍म हुआ अलग बोडोलैंड राज्‍य व‍िवाद"

आज भारत सरकार, असम सरकार और बोडो प्रतिनिधियों के बीच 50 वर्ष पुरानी बोडोलैंड समस्या का अंत करने के लिए एक ऐतिहासिक समझौता हुआ है।

क्या है बोडोलैंड का मुद्दा?

📌 बोडो ब्रह्मपुत्र घाटी के उत्तरी हिस्से में बसी असम की सबसे बड़ी जनजाति है।

📌 1960 के दशक से ही बोडो अपने लिये अलग राज्य की मांग करते आए हैं।

📌 असम में इनकी जमीन पर अन्य समुदायों का आकर बसना और ज़मीन पर बढ़ता दबाव ही बोडो असंतोष की वज़ह है।

📌 अलग राज्य के लिए बोडो आंदोलन 1980 के दशक के बाद हिंसक हो गया और तीन धड़ों में बंट गया।
👉 पहले का नेतृत्व नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड ने किया, जो अपने लिये अलग राज्य चाहता था। 
👉 दूसरा समूह बोडोलैंड टाइगर्स फोर्स है, जिसने अधिक स्वायत्तता की मांग की। 
👉 तीसरा धड़ा ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन है, जिसने मध्यम मार्ग की तलाश करते हुए राजनीतिक समाधान की मांग की।

📌 बोडो अपने क्षेत्र की राजनीति, अर्थव्यवस्था और प्राकृतिक संसाधन पर जो वर्चस्व चाहते थे, वह उन्हें 2003 में मिला। तब बोडो समूहों ने हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा की राजनीति में आने पर सहमति जताई।

📌 इसी का नतीजा था कि बोडो समझौते पर 2003 में हस्‍ताक्षर किये गए और भारतीय संविधान की छठी अनुसूची के तहत बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद का गठन हुआ।

केंद्र सरकार ने असम समझौते पर अमल के अलावा बोडो समुदाय से संबंधित लंबे समय से चले आ रहे मामलों को पूरा करने के विभिन्‍न उपायों को भी मंज़ूरी दी थी।

📌 बोडो समुदाय में व्याप्त असंतोष के मद्देनज़र केंद्र सरकार ने बोडो म्‍यूजियम-सह-भाषा व सांस्‍कृतिक अध्‍ययन केंद्र की स्‍थापना को मंज़ूरी दी है।

📌 कोकराझार में फिलहाल काम कर रहे ऑल इंडिया रेडियो स्‍टेशन व दूरदर्शन केंद्र को आधुनिक बनाया जाएगा।

📌 Bodoland Territorial Area Districts (BTAD) से होकर जाने वाली एक सुपरफास्‍ट ट्रेन का नाम अरोनई एक्‍सप्रेस रखने को भी मंज़ूरी दी है।

बोडोलैंड टेरीटोरियल ऑटोनोमस डिस्ट्रिक्ट के चार जिलों- कोकराझार, चिरांग, बक्सा और उदालगुड़ी में लगभग 30 फीसदी आबादी बोडो जनजाति की है।

इस समझौते के बाद :

👉 सभी बोडो जनजाति के लोग हिंसा का रास्ता छोड़ेंगे, अपने सभी हथियार सरेंडर करेंगे और अपने सशस्त्र संगठन को एक महीने के भीतर खत्म करेंगे।

👉 एनडीएफबी(पी), एनडीएफबी(आरडी), और एनडीएफबी(एस) के लगभग 1550 कैडरों का भारत सरकार और असम सरकार द्वारा पुनर्वासन किया जाएगा।

👉 बोडो क्षेत्र के विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकार को 1500 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

👉 बोडो आंदोलन के समय लगभग 4000 लोगों ने अपनी जान गंवाई, बोडो आंदोलन में जिन परिवार के सदस्यों ने अपनी जान गंवाई उनको 5 लाख का मुवावजा दिया जाएगा।

👉 असम सरकार बोडो भाषा को राज्य में सहयोगी आधिकारिक भाषा का दर्जा भी देगी।

पिछले एक महीने में पूर्वोत्तर समस्या से जुड़े तीन बड़े और ऐतिहासिक समझौते भारत सरकार ने किए हैं. इसमें  त्रिपुरा में 80 सशस्त्र आतंकियों का समर्पण, मिजोरम-त्रिपुरा के बीच ब्रू-रियांग शरणार्थियों को स्थायी निवास देना और अब बोडो शांति समझौता होना शामिल है.

आज एक दशकों पुरानी समस्या का अंत हो गया।

Tuesday, January 14, 2020

आप सभी को मकरसंक्रांति की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।।

मकर संक्रांति - जो 15 जनवरी को पड़ती है - भारतीय संस्कृति में शुभ चरण की शुरुआत का प्रतीक है। यह सूर्य के मकर (मकर) राशि में संक्रमण का प्रतीक है, जो संक्रमण का पवित्र चरण है। यह एक अशुभ चरण के अंत का प्रतीक है, और पवित्र हिंदू अनुष्ठानों को इस दिन से पवित्र किया जा सकता है। यह सूर्य देव का त्योहार है; इस दिन सूर्य अपनी दक्षिणवर्ती यात्रा समाप्त कर लेता है, जो दक्षिणायन है, और पौष के हिंदू महीने में उत्तर की ओर अर्थात उत्तरायण, कर्क रेखा की ओर बढ़ना शुरू होता है (दिसंबर के मध्य से शुरू होता है)। उत्तरायण देवता का दिन है। रात्रि को पाप और असत्य के प्रतीक के रूप में माना जाता है, जबकि दिन को सत्य, सदाचार और धर्म का प्रतीक माना जाता है। इसलिए जब देवताओं के लिए दिन होता है, तो मकर संक्रांति के दिन पुण्य के सभी कार्य किए जाते हैं जब दिन लंबे हो जाते हैं और रातें छोटी हो जाती हैं। हिंदुओं के लिए, सूर्य ज्ञान, आध्यात्मिक प्रकाश और ज्ञान के लिए खड़ा है। मकर संक्रांति इस बात का प्रतीक है कि हमें भ्रम के अंधेरे से दूर रहना चाहिए, जिसमें हम रहते हैं और खुशी से हमारे भीतर रोशनी को चमकने देना शुरू करते हैं। हमें पवित्रता, ज्ञान और ज्ञान में वृद्धि करनी चाहिए, जैसा कि इस दिन से सूर्य करता है। सूर्य सभी आदर्शों के लिए खड़ा है; इसका संदेश प्रकाश, एकता, समानता और सच्ची निस्वार्थता है। ये एक कर्म योगी के आदर्श हैं। अत: सूर्य सबसे बड़े कर्म योगी हैं। क्या यह सभी के लिए कोई पुरस्कार मांगता है जो हमें देता है I यदि यह प्रकाश देना बंद कर देता है, तो हम बर्बाद हो जाएंगे। यदि हम सूर्य से यह एक सीख लेते हैं, तो हमारा जीवन दिव्य चमक के साथ चमक जाएगा।

Saturday, January 11, 2020

Vivekananda Janjati

#भारत में #स्वामी_विवेकानन्द की जयन्ती (१२ जनवरी) को प्रतिवर्ष #राष्ट्रीय_युवा_दिवस के रूप में मनाया जाता है। 'युवा'शब्द से ही उत्साह, स्फूर्ति, सक्रियता आदि गुणों का बोध होता है।'युवा' शब्द वास्तव में आयु- रूप- अर्थ प्रदान करने से परे सकारात्मक गुणों, सक्रिय व्यक्तित्व का बोध अधिक करवाता है। यही व्यक्तित्व बोध समाज, देश व #राष्ट्र के विकास में बड़ी भूमिका निभाता है।
#युवा_दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।।

Tuesday, January 7, 2020

गोंडवाना युथ क्लब एवं आदिवासी धुर्वे गोड़ समाज परिक्षेत्र चारभांठा (कुर्मदा) द्वारा दो दिवसीय सामाजिक उत्थान ,कॅरियर गाइड कार्यशाला आयोजित किया गया।

गोंडवाना युथ क्लब एवं आदिवासी धुर्वे गोड़ समाज परिक्षेत्र चारभांठा (कुर्मदा) में *दो दिवसीय सामाजिक  उत्थान ,कॅरियर गाइड कार्यशाला आयोजित किया गया था...* 
दूसरा दिन बूढ़ादेव के पूजा अर्चना के बाद कार्यशाला का शुरुवात केंद्रीय गोंडवाना धमधागढ़ के *राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री विष्णुदेव ठाकुर जी* ने तीज तिहार रीति-नीति का विस्तार पूर्वक बताया,  *श्री चंद्रेश ठाकुर* ने का समाज मे शिक्षा अतिआवश्यक है, एक रोटी कम खाओ लेकिन समाज बेटी- बेटा को शिक्षित करें समाज आगे आएगा, सहायक प्राध्यापक श्रीमती राजकुमारी धुर्वा मेडम, संतोष कुंजाम, संतराम नेताम, *लोकेश ठाकुर* ने कम्प्यूटर के महत्व एवं रोजगार के अवसर पर शानदार प्रकाश डाला, डॉ आशुतोष मंडावी ने पत्रकारिता में रोजगार के अवसर पर प्रकाश डाला। 
समापन समारोह मुख्य अतिथि ~  *खुज्जी विधान सभा क्षेत्र के विधायक श्रीमती छन्नी साहू* ने गोड़ समाज द्वारा पिछले 5 वर्षो से आदर्श विवाह समाज द्वारा कराया जा रहा है और सामाजिक  कार्यशाला संचालित किया जा रहा उसका उसे समाज एक दिन जरूर आगे आएगा।
       समाज को आगे ले जाने के लिये गोंडवाना यूथ क्लब के अध्यक्ष श्री नीलकंठ कोमरे ने शिक्षा, स्वस्थ, सहयोग की भावना को लेकर गोंडवाना यूथ क्लब गठन किया जो आज उसका परिणाम देखने मिल रहा है।
  कार्यक्रम को सफल मनाने में परिक्षेत्र के मुड़ादार श्री मनराखन नेताम, बसंत मंडावी, सोहन कोमरे, मोहन कोमरे ,देव पन्द्रों, राधा मंडावी, हेमलता पटौती, किरण मांडवी, केदार नेताम, प्रताप पटौती किरण मंडावी, डिम्पल कोमरे, ज्योति मंडावी, मल्लिका पटौती, केवल मंडावी, गजानंद मंडावी, दुर्योधन पन्द्रों, सुंदर मंडावी, ओम प्रकाश कोमरे, चांदनी कोमरे, अनुसुइया कोमरे, रूखमणी सेवता, रामलाल श्याम, गोकुल मंडावी परिक्षेत्र के समस्त सागजन ने योगदान दिया..।

Monday, December 16, 2019

गोंड समाज के द्वारा जिला कबीरधाम के विकासखंड बोड़ला के ग्राम सि॑घारी में शहीद वीर नारायण शहादत दिवस कार्यक्रम रखा गया

गोंड समाज के द्वारा जिला कबीरधाम के विकासखंड बोड़ला के ग्राम सि॑घारी में शहीद वीर नारायण शहादत दिवस कार्यक्रम रखा गया

Sunday, December 15, 2019

विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी शाखा - रायपुर द्वारा "युवा प्रेरणा प्रतियोगिता" का द्वितीय चरण कार्यशाला सम्पन्न हुआ।

विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी शाखा - रायपुर द्वारा "युवा प्रेरणा प्रतियोगिता" का द्वितीय चरण *कार्यशाला* के रूप में सम्पन्न हुआ। इस कार्यशाला में युवा प्रतिभागियों की संख्या 105 रही। जिसमे 53 बहने व् 52 भैया थे। विवेकानन्द केन्द्र द्वारा युवा प्रेरणा प्रतियोगिता के तहत लगभग 2000 से संपर्क हुआ, जिसमे 756 युवाओ ने रजिस्ट्रेशन कराया और *'विवेकानंद शिला स्मारक शाश्वत प्रेरणा स्त्रोत"*  पुस्तक पर परीक्षा दी व  261 उत्तीर्ण हुए। इन्ही उत्तीर्ण युवाओ की यह कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
इस प्रतियोगीता मे प्रथम पुरूस्कार 11000 रू , दितीय पुरस्कार 7100 रू व तृतीय पुरूस्कार 3100 रू रखी गयी है। शिविर के प्रथम सत्र में रामकृष्ण विद्यालय के संचालक श्री विवेक तिवारी व राष्ट्रीय सेविका समिति मे सेवारत सुश्री प्राची पटले का उद्बोधन हुआ तत्पश्चात द्वितीय सत्र में 7 गट बने जिसमे 4 बहनो की एवम् 3 भाइयों के थे जिसके अंतर्गत खेल व् प्रस्तुति हुई।
समापन सत्र में चार्टड एकाउन्टेंट  ऋतु जैन दीदी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का संचालन नगर युवा प्रमुख नमन शुक्ला  जी व् अंत में आभार प्रदर्शन नगर प्रमुख रूपेश अवधिया जी द्वारा किया गया। कार्यक्रम मे विवेकानन्द केन्द्र के व्यवस्था प्रमुख विष्णु महोबिया जी, सहव्यवस्था प्रमुख श्रीमतीअल्पना मोहदीवाले व सहनगर प्रमुख मनीषा गर्ग दीदी उपस्थित रहे।